जवाहर द्वीप तेल टर्मिनल पर कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का प्रहस्तन किया जाता है। इस टर्मिनल पर पहले चार घाट थे - जीडी 1, जीडी 2, जीडी 3 और जीडी 4 । कच्चे तेल के बड़े जलयानों का प्रहस्तन करने के उद्देश्य से नवीन घाट जीडी 5 के निर्माण का कार्य आरम्भ किया गया जो दिसंबर 2020 में पूर्ण हुआ। इस जीडी 5 घाट की लम्बाई 470 मीटर है और इसकी संकल्पित गहराई 17 मीटर है। जीडी 5 घाट पर 150000 टन तक के कार्गो वाले जलयानों का घाटायन किया जा सकता है।
पीर पाउ पर रसायनों और पेट्रोलियम उत्पादों का प्रहस्तन किया जाता है। यहाँ चार घाट हैं - पुराना पीर पाउ, नया पीर पाउ (एनपीपी), नया पीर पाउ 2 (एनपीपी2) और नया पीर पाउ 3 (एनपीपी3) ।
पीर पाउ पर लुब्रिकेंट/बेस ऑयल के बार्जों का ही प्रहस्तन किया जाता है। रसायनों, एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का प्रहस्तन नए पीर पाउ टर्मिनल (एनपीपी) और नए पीर पाउ टर्मिनल 2 (एनपीपी2) पर किया जाता है। नया पीर पाउ टर्मिनल 3 (एनपीपी3) एक नया घाट है जो सितंबर 2024 में प्रारंभ हुआ । इसकी गहराई 13 मीटर है और इसकी क्षमता प्रतिवर्ष 20 लाख टन की है। सभी घाट पाइपलाइन के नेटवर्क के माध्यम से तेल शोधक संयंत्रोंसंयत्रो/भंडारण टैंकों से जुड़े हुए हैं।